स्वाद जिंदगी के लो जनाब, किसीके भरोसे के नहीं.

अंदाजा ताकत का लगाया जा सकता है, किसीके हौंसले का नहीं साहब.

लोग पीठ पीछे बड़बड़ा रहे है, लगता है हम सही रास्ते जा रहे है.

जिंदगी भी उसे ही आज़माती है, जो हर मोड़ पर चलना जानता हो.

कुछ बनना ही है तो समंदर बनो लोगों के पसीने छूटने चाहिए तुम्हारी औकात नापते-नापते.

मुझे नहीं पता मैं क्या हूँ, क्योंकि, लोगों ने मेरा ठेका ले रखा है.

बीते वक्त का चौकीदार ना बन इस लम्हे का कर्ज अदा कर.